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Wednesday, 11 February 2026

ब्रिक्स 2026 की कमान भारत के हाथ, नई दिल्ली बैठक में तय हुई रणनीतिक रूपरेखा

भारत की अगुवाई में ब्रिक्स 2026 की रणनीति तय, सतत विकास पर जोर

 

भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में संपन्न हुई ब्रिक्स शेरपा बैठक, 2026 के लिए तय हुआ रणनीतिक एजेंडा

नई दिल्ली।
भारत की अध्यक्षता में 9 और 10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) शेरपाओं और सूस शेरपाओं की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स की प्राथमिकताओं, कार्ययोजना और आगामी बैठकों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जन-केंद्रित’ तथा ‘मानवता-प्रथम’ दृष्टिकोण पर आधारित थी, जिसमें वैश्विक सहयोग, सतत विकास और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।


नई दिल्ली में उच्चस्तरीय सहभागिता

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक की अध्यक्षता भारत के ब्रिक्स शेरपा एवं आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने की। उनके साथ संयुक्त सचिव (बहुपक्षीय आर्थिक संबंध) और सूस शेरपा शंभू एल. हक्की ने भी भाग लिया।

बैठक में ब्राजील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका के अलावा नए सदस्य देशों—मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात—के शेरपाओं एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

10 फरवरी 2026 को प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से शिष्टाचार मुलाकात की।


थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ब्रिक्स 2026 की आधिकारिक थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया।

भारत ने अपनी अध्यक्षता की थीम घोषित की:
“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण”

यह थीम वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु समावेशी और स्थायी विकास मॉडल को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


स्वास्थ्य से लेकर सुरक्षा तक व्यापक एजेंडा

बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने स्वास्थ्य, कृषि, श्रम एवं रोजगार, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), सुरक्षा और आतंक-रोधी सहयोग जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित पहलों की जानकारी दी।

साथ ही, ब्रिक्स के संस्थागत विकास और सदस्य देशों के बीच आर्थिक एवं राजनीतिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।


युवा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग पर विशेष जोर

भारत के ‘जन-केंद्रित’ दृष्टिकोण के अनुरूप खेल सहयोग, यूथ कनेक्ट, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ब्रिक्स अकादमिक फोरम, थिंक टैंक काउंसिल, सिविल फोरम, बिजनेस काउंसिल और विमेंस बिजनेस अलायंस को सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई।

दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय हथकरघा संग्रहालय, हस्तकला अकादमी और अक्षरधाम मंदिर का दौरा कर भारतीय संस्कृति और विरासत का अनुभव किया।


ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता भारत के पास

गौरतलब है कि भारत ने 13 जनवरी 2026 को आधिकारिक रूप से 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS 2026) की अध्यक्षता संभाली थी।

ब्रिक्स शेरपा सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं और वर्ष भर विभिन्न बैठकों के माध्यम से नीतिगत समन्वय सुनिश्चित करते हैं।

भारत की अध्यक्षता में आगामी महीनों में थीम आधारित बैठकों और पहल के माध्यम से ब्रिक्स सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है। 

नई दिल्ली में आयोजित यह बैठक ब्रिक्स 2026 के लिए रणनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के माध्यम से वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को सशक्त बनाने और बहुपक्षीय सहयोग को नई ऊर्जा देने का संकेत दिया है।

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