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साइबर अपराध के खिलाफ मजबूत और समन्वित तंत्र जरूरी: राष्ट्रीय सम्मेलन में बोले अमित शाह, 82 लाख शिकायतें दर्ज
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत, समन्वित और तकनीक-सक्षम राष्ट्रीय तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया है। वे “साइबर-आधारित धोखाधड़ी से निपटना और इसके तंत्र को समाप्त करना” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सभी प्रमुख एजेंसियां मिलकर कर रही काम
गृह मंत्री ने कहा कि साइबर अपराध जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), राज्य पुलिस, सीबीआई, एनआईए, ईडी, दूरसंचार विभाग, बैंकिंग प्रणाली, आईटी मंत्रालय, आरबीआई और न्यायपालिका सहित सभी प्रमुख संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हर एजेंसी की अपनी भूमिका है, लेकिन आपसी समन्वय के बिना इस लड़ाई में पूर्ण सफलता संभव नहीं है।
I4C पोर्टल पर 82 लाख शिकायतें
अमित शाह ने जानकारी दी कि जनवरी 2020 से 30 नवंबर 2025 तक I4C के साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का 23 करोड़ से अधिक बार उपयोग किया गया। इस दौरान 82 लाख साइबर अपराध शिकायतें दर्ज हुईं।
इनमें से लगभग 1.84 लाख मामलों को एफआईआर में परिवर्तित किया गया और कई मामलों में सफल कार्रवाई भी की गई।
बहुआयामी रणनीति पर काम
गृह मंत्रालय द्वारा साइबर अपराध से निपटने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई गई है, जिसमें शामिल हैं:
- रियल-टाइम शिकायत रिपोर्टिंग सिस्टम
- फॉरेंसिक लैब नेटवर्क का विस्तार
- क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण
- अनुसंधान एवं विकास
- साइबर जागरूकता अभियान
- साइबर हाइजीन को बढ़ावा
गृह मंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ही सुरक्षित साइबर स्पेस सुनिश्चित किया जा सकता है।
I4C ने खड़ा किया मजबूत ढांचा
उन्होंने बताया कि जनवरी 2019 में गृह मंत्रालय द्वारा I4C की स्थापना की गई थी। इस संस्था ने देशभर में साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत किया है।
डिजिटल क्रांति के साथ बढ़ीं चुनौतियां
अमित शाह ने कहा कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 11 वर्षों में 25 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ हो गई है। ब्रॉडबैंड कनेक्शन में 16 गुना वृद्धि हुई है और डेटा की कीमत में 97% की कमी आई है, जिससे डिजिटल उपयोग में तेजी आई है।
भारतनेट से जुड़ी पंचायतों की संख्या 546 से बढ़कर 2 लाख हो गई है।
यूपीआई में भारत की वैश्विक बढ़त
वर्ष 2024 में यूपीआई के माध्यम से 233 ट्रिलियन रुपए मूल्य के 181 बिलियन डिजिटल लेन-देन हुए। गृह मंत्री ने कहा कि दुनिया में हर दूसरा डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहा है।
2024 में कुल भुगतान का 97% हिस्सा डिजिटल माध्यम से हुआ और वॉल्यूम के आधार पर 99% लेन-देन डिजिटल रहे।
सम्मेलन का उद्देश्य
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य साइबर-सक्षम धोखाधड़ी के पैमाने, रुझानों और बदलते स्वरूप को लेकर सभी एजेंसियों के बीच साझा समझ विकसित करना था, ताकि भविष्य में प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।


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