धमतरी(कुरूद)
धमतरी जिले के कुरुद जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कोर्रा में पंचायत सचिव की कथित मनमानी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव नियमित रूप से कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण पंचायत के कई जरूरी काम ठप पड़े हैं और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरपंच और उपसरपंच के विवाद के बीच सचिव की अनुपस्थिति
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कोर्रा की सरपंच यमुना बाई कामड़े और उपसरपंच चोवाराम साहू के बीच पुराने कार्यों की राशि को लेकर विवाद चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस विवाद का फायदा पंचायत सचिव उठा रहे हैं और लंबे समय से पंचायत कार्यालय में उनकी उपस्थिति नहीं हो रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक सचिव के नहीं आने से पंचायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य जैसे प्रमाण पत्र जारी करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और विकास कार्यों से संबंधित फाइलों का निपटारा पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप – कार्यालय में नहीं आते सचिव
गांव के कई लोगों का कहना है कि पंचायत कार्यालय अक्सर बंद रहता है और सचिव का इंतजार करते-करते ग्रामीणों को बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब सचिव पंचायत आते हैं तो वे कथित रूप से नशे की हालत में रहते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
पहले भी विवादों में रहा मामला
ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले भी पंचायत सचिव से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने की बात सामने आई थी, जिसमें पंचायत कार्यालय के अंदर कथित तौर पर शराब सेवन और पार्टी करने के आरोप लगाए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय भी किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संपर्क की कोशिश, जवाब नहीं
समाचार टीम द्वारा पंचायत सचिव से संपर्क करने की कोशिश की गई। पंचायत कार्यालय में दर्ज मोबाइल नंबर बंद मिला, जबकि दूसरे नंबर पर कॉल करने पर फोन रिसीव नहीं किया गया। पंचायत कार्यालय पहुंचने पर भी सचिव मौजूद नहीं मिले।
प्रशासन से जांच की मांग
ग्राम पंचायत कोर्रा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए सचिव की नियमित उपस्थिति जरूरी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या ग्रामीणों की शिकायतों पर जांच कर कार्रवाई की जाती है या नहीं।


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