स्कूली गणवेश की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पहले ही दिन उधड़ने लगी सिलाई
धमतरी/रायपुर। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को वितरित किए जा रहे गणवेश की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। विद्यार्थियों और पालकों की शिकायत है कि छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के माध्यम से आपूर्ति किए जा रहे गणवेश की सिलाई वितरण के पहले ही दिन से उधड़ने लगी है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश शासकीय स्कूलों में वितरित गणवेशों की स्थिति एक जैसी देखने को मिल रही है। कई स्थानों पर विद्यार्थियों के पहनने के कुछ घंटों के भीतर ही गणवेश की सिलाई खुलने लगी, जिससे इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
शिक्षकों, पालकों एवं स्थानीय लोगों का आरोप है कि गणवेश सिलाई कार्य से जुड़े ठेकेदारों और संबंधित विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि गणवेशों की समुचित जांच एवं गुणवत्ता परीक्षण किए बिना ही उन्हें स्कूलों में वितरण के लिए भेज दिया गया।
पालकों का कहना है कि सरकार विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते विद्यार्थियों को निम्न गुणवत्ता वाले गणवेश मिल रहे हैं। इससे शासन की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पालको ने शासन एवं शिक्षा विभाग से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर कार्रवाई करने तथा गुणवत्तायुक्त गणवेश उपलब्ध कराने की मांग की है।


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