छत्तीसगढ़ में साक्षरता की ऐतिहासिक उड़ान: महापरीक्षा अभियान 2025 में 91% परिणाम, 984 पूर्व नक्सलियों ने चुनी कलम की राह
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रायपुर, 11 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ ने साक्षरता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 7 दिसंबर 2025 को आयोजित महापरीक्षा अभियान 2025 में प्रदेश ने लगभग 91 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की है।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS), नई दिल्ली द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार, प्रदेश के 4,55,044 शिक्षार्थियों में से 4,13,403 प्रतिभागी उत्तीर्ण हुए। यह उपलब्धि राज्य के साक्षरता अभियान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली साबित हुई है।
बंदूक से कलम तक: 984 आत्मसमर्पित नक्सलियों की प्रेरक पहल
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि बस्तर संभाग के 984 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पहली बार परीक्षा में भाग लेकर हिंसा छोड़ शिक्षा को अपनाने का संदेश दिया। यह कदम विकास और मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में एक सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।
वर्गवार परिणाम (Mahapariksha Result 2025 Chhattisgarh)
- पुरुष शिक्षार्थी: 1,37,350 में से 1,23,743 उत्तीर्ण
- महिला शिक्षार्थी: 3,17,617 में से 2,89,597 उत्तीर्ण
- ट्रांसजेंडर शिक्षार्थी: 77 में से 63 सफल
- जेल बंदी: लगभग 795 बंदियों ने परीक्षा देकर नई शुरुआत की
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब समावेशी और व्यापक जनभागीदारी वाला आंदोलन बन चुका है।
उम्र नहीं बनी बाधा
दुर्ग जिले की 98 वर्षीय दुधी बाई तथा 82 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने परीक्षा में शामिल होकर यह साबित किया कि “शिक्षा की कोई आयु सीमा नहीं होती।”
कई स्थानों पर पति-पत्नी, दादा-पोता और तीन पीढ़ियों ने एक साथ परीक्षा देकर पारिवारिक सहभागिता की मिसाल पेश की।
जनभागीदारी से मिली सफलता
महापरीक्षा अभियान की सफलता में कलेक्टर, जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक, पंचायत प्रतिनिधि और स्कूली छात्रों की सक्रिय भूमिका रही।
प्रभात फेरियां, मशाल रैलियां, सोशल मीडिया अभियान और नियमित वेबिनार के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
शिक्षा मंत्री की अपील
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी शासकीय-अशासकीय सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों को बधाई दी। उन्होंने मार्च में होने वाले अगले परीक्षा अभियान में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि “हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर राज्य बनाएंगे।”



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