धमतरी। जिले के विभिन्न राशन वितरक समूहों ने कलेक्टर के जनदर्शन में प्रस्तुत शिकायत को निराधार बताते हुए अपनी बात रखी। समूह के सदस्यों ने आरोप लगाया कि ग्राम आछोटा के दीपक देवांगन और संदीप महार द्वारा अपने ऊपर लगे आरोपों से बचने के लिए झूठी शिकायतें की जा रही हैं।
समूह के प्रतिनिधियों ने बताया कि संदीप महार को ग्राम बंजारी में समूह द्वारा संचालित राशन दुकान में विक्रेता के रूप में नियुक्त किया गया था। आरोप है कि संदीप महार राशन दुकान के चावल को चोरी कर बेचने तथा खाली बारदाना बेचकर पैसे का गबन करते हुए पाए गए थे। इस मामले में 8 मार्च 2026 को उन्हें विक्रेता पद से हटा दिया गया। पंचों के समक्ष संदीप महार ने एक सप्ताह के भीतर गबन किए गए चावल और बारदाने की भरपाई करने की बात भी कही थी, लेकिन अब तक इसकी भरपाई नहीं की गई है।
समूह का कहना है कि भरपाई करने के बजाय संदीप महार अपने भाई दीपक देवांगन के साथ मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने के उद्देश्य से जनदर्शन में फर्जी शिकायत कर रहे हैं। समूह के अनुसार दीपक देवांगन भी पहले रिसाईपारा पश्चिम वार्ड की राशन दुकान में विक्रेता के रूप में कार्यरत था, जहां चावल से संबंधित अनियमितता पाए जाने पर उसे भी हटा दिया गया था।
समूह ने आरोप लगाया कि दोनों भाई अपनी बहन हेमलता, जो कि समूह की सदस्य हैं, के साथ मिलकर बदले की भावना से समूह को आवंटित राशन दुकानों को निरस्त कराने के लिए झूठी शिकायतें कर रहे हैं।
समूह के सदस्यों ने यह भी बताया कि सचिन यादव, जो कि उनके समूह को आबंटित रुड़ी दुकान का विक्रेता है, वह अन्य कुछ समूहों की डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) बनाने में मदद करता है क्योंकि कई समूह समय पर डीडी बनाने में असमर्थ होते हैं। उनका कहना है कि बंजारी दुकान में संदीप महार द्वारा किए जा रहे कथित फर्जीवाड़े को सचिन यादव और समूह के अन्य सदस्यों ने ही पकड़ा था, जिसके बाद से सचिन यादव को भी बेवजह परेशान किया जा रहा है।
समूह का यह भी कहना है कि दीपक देवांगन और संदीप महार की बहन आछोटा की राशन दुकान में विक्रेता हैं। जब समूह के सदस्यों को वहां भी स्टॉक संबंधी अनियमितताओं की जानकारी मिली तो उन्हें स्टॉक सही रखने की समझाइश दी गई थी। समूह का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आछोटा दुकान के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
राशन वितरक समूह के सदस्यों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।


No comments:
Post a Comment