धमतरी : ग्राम पंचायत दरगाहन में मुरूम-मिट्टी का खुलेआम अवैध खनन, जिम्मेदार कौन? सरपंच और प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
धमतरी जिले के ग्राम पंचायत दरगाहन में इन दिनों मुरूम और मिट्टी का खुलेआम खनन किया जा रहा है, जिससे शासन के नियमों और राजस्व व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार गांव में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार द्वारा बड़े पैमाने पर मुरूम और मिट्टी निकाली जा रही है, जबकि इसके लिए खनिज विभाग से अब तक विधिवत अनुमति प्राप्त नहीं हुई है।
इस मामले में जब सरपंच पति भीम सेन साहू से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा सड़क ठेकेदार को खनन के लिए केवल प्रस्ताव दिया गया है। लेकिन सवाल यह उठता है कि केवल प्रस्ताव देने से क्या पंचायत और सरपंच की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब तक खनिज विभाग से वैधानिक अनुमति नहीं मिलती, तब तक किसी भी प्रकार का खनन पूरी तरह अवैध माना जाता है। इसके बावजूद भी ठेकेदार द्वारा मनमानी करते हुए मुरूम और मिट्टी का उत्खनन लगातार किया जा रहा है।
अनुमति नहीं, फिर भी खनन जारी
सूत्रों के अनुसार अभी तक ठेकेदार द्वारा खनिज विभाग से अनुमति का कोई पत्र ग्राम पंचायत दरगाहन में जमा नहीं किया गया है। इसके बावजूद मशीनों और ट्रैक्टरों के माध्यम से मिट्टी और मुरूम का उत्खनन जारी है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है कि आखिर यह सब किसके संरक्षण में चल रहा है।
सरपंच की चुप्पी भी संदेह के घेरे में
ग्राम पंचायत के भीतर ही यह खनन कार्य चल रहा है, ऐसे में पंचायत की नजर से यह सब कैसे बच सकता है? ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के सामने ही यह अवैध खनन हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद पंचायत की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या रोक लगाने का प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है।
ऐसे में यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि कहीं पंचायत और ठेकेदार के बीच कोई अंदरूनी मिलीभगत तो नहीं है। क्योंकि यदि पंचायत चाहे तो बिना अनुमति के चल रहे इस खनन को तुरंत रुकवा सकती है।
तालाब में चल रहा रोजगार गारंटी का काम, फिर भी नहीं दिख रहा अवैध खनन
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान के आसपास यह खनन हो रहा है, वहीं पास के तालाब में रोजगार गारंटी योजना के तहत काम भी चल रहा है। इसके बावजूद पंचायत के जिम्मेदार लोगों को यह अवैध उत्खनन नजर नहीं आ रहा है।
इससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर पंचायत की निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर है या फिर जानबूझकर आंखें बंद कर ली गई हैं।
खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल
अब बड़ा सवाल खनिज विभाग पर भी खड़ा हो रहा है। यदि अब तक खनन की अनुमति जारी नहीं हुई है, तो फिर खुलेआम हो रहे इस उत्खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान हैं या फिर सब कुछ जानकर भी चुप्पी साधे हुए हैं?
गांव में चल रहे इस अवैध खनन से शासन को मिलने वाले राजस्व की भी सीधी चोरी हो रही है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस समाचार के सामने आने के बाद खनिज विभाग और प्रशासन की नींद टूटती है या फिर यह मामला भी कागजों और “सेटिंग” के बीच दब कर रह जाता है।
ग्राम पंचायत दरगाहन में चल रहे इस अवैध खनन की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा – सरपंच, ठेकेदार या फिर संबंधित विभाग? यह सवाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।


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