मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्णय का जताया आभार, कहा– जनभावनाओं का सम्मान और कानून व्यवस्था को मजबूती
![]() |
| संजय सिन्हा |
धमतरी:छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 को लेकर भारतीय गौ क्रांति मंच के जिला अध्यक्ष संजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे प्रदेश की सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक स्वतंत्रता और जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया।
संजय सिन्हा ने कहा कि लंबे समय से प्रदेश में अवैध धर्मांतरण को लेकर विभिन्न वर्गों में चिंता बनी हुई थी। ऐसे समय में सरकार द्वारा लाया गया यह विधेयक न केवल जनभावनाओं का सम्मान करता है, बल्कि कानून व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की दिशा में निर्णायक पहल है। उन्होंने कहा कि इससे गरीब, शोषित और वंचित वर्गों की आस्था एवं अधिकारों को सशक्त संरक्षण मिलेगा।
उन्होंने बताया कि विधेयक में प्रलोभन, भय, दबाव, धोखे या कपट के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को अपराध की श्रेणी में रखा गया है और इसे गैर-जमानती बनाते हुए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था उन लोगों के खिलाफ सख्त संदेश है, जो भोले-भाले लोगों को भ्रमित कर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करते हैं।
संजय सिन्हा ने कहा कि महिलाओं, नाबालिगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांगजनों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए जाना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इससे इन वर्गों को अतिरिक्त सुरक्षा और आत्मविश्वास मिलेगा।
उन्होंने सामूहिक धर्मांतरण (मास कन्वर्जन) और विदेशी फंडिंग के माध्यम से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण के प्रावधानों की भी सराहना की। उनके अनुसार यह कदम प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होगा।
संजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। यह विधेयक “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना को और सशक्त करेगा।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून प्रदेश में शांति, सौहार्द और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देगा तथा छत्तीसगढ़ को विकास और सामाजिक समरसता के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


No comments:
Post a Comment