कुरुद तहसील कार्यालय के सामने परिवार का आमरण अनशन, बेदखली नोटिस से नाराज़गी के बाद पंचायत ने कार्रवाई रोकी
ग्राम रावनगुड़ा के मिरे परिवार का आरोप– भेदभावपूर्ण कार्रवाई; विभिन्न संगठनों और नेताओं ने दिया समर्थन
कुरुद (धमतरी):
धमतरी जिले के कुरुद तहसील कार्यालय के सामने एक परिवार बेदखली नोटिस से परेशान होकर आमरण अनशन पर बैठ गया। ग्राम रावनगुड़ा निवासी ईश्वरीय मिरे और राजेंद्र मिरे अपने परिवार सहित धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत बकली द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव में अन्य लोग भी उसी जमीन पर कृषि कार्य कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके खिलाफ की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप जांगड़े ने भी पंचायत पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे बसपा नेता आशीष रात्रे ने कहा कि जिले में सतनामी समाज के लोगों के साथ लगातार अन्याय और अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं भाजपा नेता एवं समाज के धन्नू जांगड़े ने भी पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठाई।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक मौजूद रहे, जिनमें प्रेमलाल कुर्रे, डीकेशवरी, फुलेश्वरी, विकास सिरमौर, भारती, किरण बांधे, मोहनी सिरमौर, सरोजिनी मिरे, ज्योति, भुनेश्वरी, सुनीता, भांति बांधे, धार्मिन, पायल, रानी लहरे, भारती सोनवानी, अन्याया, गरिमा, युगल, दिव्या, देवप्रसाद बांधे और राजेंद्र साहू सहित कई लोग शामिल हैं।
इसी बीच मामले में नया मोड़ तब आया जब ग्राम पंचायत के सरपंच आंदोलन स्थल पर पहुंचे और लिखित आवेदन देकर फिलहाल किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की बात कही। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि कार्रवाई से गांव का माहौल बिगड़ने की आशंका है, इसलिए इसे निरस्त किया जा रहा है।
फिलहाल पंचायत के इस कदम के बाद स्थिति शांत होती नजर आ रही है, लेकिन पीड़ित परिवार और ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थायी समाधान निकाला जाए।



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