“टैक्स नहीं तो राशन नहीं” – धमतरी के ग्राम बोरिदखुर्द में पंचायत का फरमान, ग्रामीणों में आक्रोश
धमतरी - धमतरी जिले के ग्राम बोरिदखुर्द से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत पर राशन वितरण के नाम पर टैक्स वसूली का गंभीर आरोप लगा है।
बताया जा रहा है कि पंचायत द्वारा मुनादी करवाई गई कि जिन ग्रामीणों ने पंचायत टैक्स नहीं पटाया है, उन्हें राशन नहीं दिया जाएगा। गौरतलब है कि इस माह तीन महीने का राशन एक साथ वितरित किया जा रहा है, और इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए पंचायत द्वारा टैक्स वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण के दौरान केवल उन्हीं लोगों को राशन दिया जा रहा है जिन्होंने टैक्स जमा किया है, जबकि बाकी लोगों को साफ तौर पर कह दिया गया है कि पहले टैक्स पटाओ, तभी राशन मिलेगा।
जब इस मामले में सरपंच से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं पंचायत सचिव (कर्मचारी) ने भी कॉल का जवाब नहीं दिया।
स्थिति तब और गंभीर नजर आई जब पंचायत भवन में यह देखा गया कि एक कंप्यूटर ऑपरेटर पहले से हस्ताक्षर किए हुए टैक्स रसीद काट रहा था। यह साफ तौर पर पंचायत में लापरवाही और संभावित अनियमितता की ओर इशारा करता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा खुलेआम मुनादी कराकर यह निर्देश दिया गया है कि टैक्स न चुकाने पर राशन नहीं मिलेगा, जिससे गांव में आक्रोश का माहौल है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या पंचायत को यह अधिकार है कि वह टैक्स के बदले राशन जैसी मूलभूत सुविधा को रोके?
जबकि सरकार की स्पष्ट नीति है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत हर पात्र व्यक्ति को राशन मिलना उसका अधिकार है।
👉 क्या टैक्स वसूली के लिए गरीबों के हक का राशन रोका जा सकता है?
👉 क्या प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करेगा?
ग्राम बोरिदखुर्द में पंचायत का यह रवैया न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि गरीबों के अधिकारों का भी उल्लंघन करता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।


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