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बकरी पालन

 

बकरी पालन: ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ और किसानों की आय का मजबूत आधार



भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इन्हीं पशुपालन गतिविधियों में बकरी पालन (Goat Farming) आज किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय बनकर उभरा है। बकरी को “गरीब की गाय” कहा जाता है, क्योंकि यह कम संसाधनों में भी अच्छी आय का साधन बन जाती है।


🔹 भारत में बकरी पालन का महत्व

भारत विश्व में बकरी आबादी के मामले में दूसरे स्थान पर है। देश में लगभग 15 करोड़ से अधिक बकरियाँ पाली जाती हैं। ग्रामीण, आदिवासी और सीमांत किसानों के लिए बकरी पालन आज रोजगार, पोषण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत साधन है।


🔹 बकरी पालन के प्रमुख लाभ

✅ 1. कम पूंजी, अधिक लाभ

  • बकरी पालन के लिए भारी निवेश की आवश्यकता नहीं
  • छोटे किसान भी 5–10 बकरियों से शुरुआत कर सकते हैं

✅ 2. तेजी से प्रजनन

  • बकरी साल में 2 बार बच्चे देती है
  • एक बार में 1–3 बच्चे जन्म लेते हैं

✅ 3. मांस की बढ़ती मांग

  • बकरी का मांस (मटन) देश-विदेश में अत्यधिक लोकप्रिय
  • शादियों, त्योहारों और होटलों में निरंतर मांग

✅ 4. दूध, खाद और खाल से आय

  • बकरी का दूध औषधीय गुणों से भरपूर
  • गोबर से जैविक खाद
  • खाल से चमड़ा उद्योग को कच्चा माल

✅ 5. जोखिम कम

  • अन्य पशुओं की तुलना में रोग कम
  • प्राकृतिक आपदाओं में भी अपेक्षाकृत सुरक्षित

🔹 बकरी पालन की प्रमुख नस्लें (भारत में उपयोगी)

🐐 मांस उत्पादन हेतु

  • जमुनापारी
  • सिरोही
  • बीटल
  • बरबरी
  • ब्लैक बंगाल

🥛 दूध उत्पादन हेतु

  • जमुनापारी
  • तोतापरी
  • बीटल

🔹 बकरी पालन की विधि (संक्षेप में)

🏠 आवास व्यवस्था

  • सूखी, हवादार और ऊँची जगह
  • फर्श ढलानदार हो ताकि पानी न रुके

🌾 आहार

  • हरा चारा: बरसीम, नेपियर घास
  • सूखा चारा: भूसा
  • दाना मिश्रण: चना चूरी, मक्का, खली

💉 स्वास्थ्य देखभाल

  • समय-समय पर टीकाकरण
  • पेट के कीड़े की दवा
  • साफ-सफाई अनिवार्य

🔹 बकरी पालन से अनुमानित आय

बकरियों की संख्या वार्षिक अनुमानित आय
10 बकरियाँ ₹1.5 – 2 लाख
25 बकरियाँ ₹4 – 5 लाख
50 बकरियाँ ₹8 – 10 लाख

(आय नस्ल, देखभाल और बाजार पर निर्भर करती है)


🔹 सरकारी योजनाएँ और सहायता

  • राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM)
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (ऋण सुविधा)
  • नाबार्ड सब्सिडी योजना
  • राज्य पशुपालन विभाग द्वारा प्रशिक्षण

बकरी पालन आज केवल पारंपरिक व्यवसाय नहीं रहा, बल्कि लाभदायक उद्यम बन चुका है। सही जानकारी, नस्ल चयन और बाजार रणनीति के साथ बकरी पालन किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ग्रामीण भारत के लिए यह व्यवसाय आत्मनिर्भरता की मजबूत राह है।

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