मोहला : हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का नियमित करें फॉलो-अप–कलेक्टर श्रीमती प्रजापति
कुपोषण उन्मूलन के लिए एनआरसी की समीक्षा, कहा 15 दिवसीय डाइट चार्ट अनिवार्य
एनआरसी संचालन में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय के साथ करें कार्य
गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा, दिए आवश्यक निर्देश
मोहला, 24 जनवरी 2026
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज जिला कार्यालय के सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, सीएमएचओ श्री विजय खोबरागड़े सहित संबंधित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आयुष्मान, वयवंदन, मातृत्व स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, निक्षय पोर्टल, सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं के प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कुपोषित बच्चों के उपचार एवं देखभाल के लिए संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने निर्देश दिए कि एनआरसी के संचालन में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि कुपोषित बच्चों को समय पर समुचित उपचार एवं पोषण मिल सके। उन्होंने एनआरसी के अंतर्गत दी जा रही सभी सुविधाओं की जानकारी लेते हुए बच्चों के पोषण स्तर एवं स्वास्थ्य में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने एनआरसी में भर्ती बच्चों को दिए जाने वाले भोजन एवं पोषण आहार की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी एनआरसी केंद्रों में 15 दिवसीय डाइट चार्ट एवं डाइट कैलेंडर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित एवं लागू किया जाए, ताकि बच्चों को संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि एनआरसी में भर्ती बच्चों के अभिभावकों से नियमित रूप से संवाद किया जाए और उन्हें बच्चों के पोषण, खानपान एवं देखभाल से संबंधित सही जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, ताकि बच्चे एनआरसी से डिस्चार्ज होने के बाद भी स्वस्थ रह सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनआरसी के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और परिणाममुखी कार्य किया जाए।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान के लिए मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण कर चिन्हांकन करें और ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित स्वास्थ्य अमला आपसी समन्वय से कार्य करते हुए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का नियमित एवं दैनिक फॉलो-अप सुनिश्चित करे।
कलेक्टर ने सभी गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन के निर्देश दिए, ताकि चिन्हित गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा सके और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। इसके साथ ही कलेक्टर ने सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने, मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी स्क्रीनिंग, सिकल सेल स्क्रीनिंग, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए इनके बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्कूल स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये।
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