श्री सत्यनारायण पूजा विधि
पूजा का शुभ समय
पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी, गुरुवार या किसी भी शुभ अवसर पर की जा सकती है।
पूजा सामग्री
चौकी, लाल/पीला वस्त्र
भगवान श्री विष्णु (सत्यनारायण) की मूर्ति/चित्र
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
फल, फूल, तुलसी पत्र
धूप, दीप, अगरबत्ती
अक्षत, रोली, चंदन
पान, सुपारी
प्रसाद (सूजी का हलवा, पंचमेवा या फल)
पूजा विधि
स्नान व संकल्प
पूजा से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर संकल्प लें।
कलश स्थापना
कलश में जल भरकर आम/अशोक पत्ते रखें, नारियल स्थापित करें।
गणेश पूजन
“ॐ गणेशाय नमः” मंत्र से गणपति पूजन करें।
नवग्रह पूजन (संक्षेप में)
नवग्रहों का स्मरण कर अक्षत अर्पित करें।
श्री सत्यनारायण पूजन
भगवान विष्णु का पंचोपचार/षोडशोपचार पूजन करें—
जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पण करें
तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएँ
सत्यनारायण कथा
पाँच अध्यायों वाली कथा श्रद्धा से सुनें/पढ़ें।
आरती
आरती कर प्रसाद वितरण करें।
श्री सत्यनारायण जी की आरती
जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।
सत्यनारायण स्वामी, जन-पातक हरणा॥
रत्न जटित सिंहासन, अद्भुत छवि राजे।
नारद करत निरंजन, घंटा ध्वनि बाजे॥
प्रकट भये कलिकारण, द्विज को दर्शन दियो।
बूढ़ो ब्राह्मण रूप धरि, कंचन महल कियो॥
दुर्बल भील कथा सुनि, मोक्ष पद पाया।
श्रद्धा भक्ति सहित जो पूजे, मनवांछित फल पाया॥
जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।
सत्यनारायण स्वामी, जन-पातक हरणा॥
प्रसाद
सूजी का हलवा या पंचमेवा का प्रसाद बनाकर सबको बाँटें।
कथा के बाद भोजन/प्रसाद ग्रहण करें।
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NEWS MiTAN BANDHU


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