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स्वामित्व योजना से 1.84 लाख से अधिक गांवों में बने करीब 3 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड: सरकार

 स्वामित्व योजना से 1.84 लाख से अधिक गांवों में बने करीब 3 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड: सरकार

सरकार ने सोमवार को बताया कि स्वामित्व (SVAMITVA) योजना के तहत अब तक देश के 1.84 लाख से अधिक गांवों में करीब तीन करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में जमीन से जुड़े विवाद कम हुए हैं और योजनाबद्ध ग्रामीण विकास को मजबूती मिली है।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में पंचायत राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों के करीब 450 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और जनभागीदारी बढ़ाने पर सरकार के फोकस को दर्शाता है।

कर्तव्य पथ पर निकली 30 झांकियों में पंचायत राज मंत्रालय की झांकी भी शामिल रही, जिसका विषय था —

“स्वामित्व योजना: आत्मनिर्भर पंचायत से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत”।

इस झांकी में यह दिखाया गया कि ग्रामीण आवासीय संपत्तियों पर कानूनी मालिकाना हक मिलने से नागरिक सशक्त होते हैं और पंचायतें मजबूत बनती हैं।

मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों को गणतंत्र दिवस की झांकियों के लिए MyGov पोर्टल पर आयोजित सार्वजनिक मतदान में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे जागरूक नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिले।

सरकार ने बताया कि ग्रामीण भारत में पंचायत राज संस्थाओं को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार कई पहल की जा रही हैं। इनमें क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, डिजिटल गवर्नेंस, संस्थागत मजबूती और समुदाय की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

2025 में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के स्थानीयकरण और ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप इन पहलों ने ग्रामीण विकास में पंचायतों की अहम भूमिका को और मजबूत किया है।

उदाहरण के तौर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी में स्वामित्व योजना के तहत एक ही दिन में 65 लाख ग्रामीण नागरिकों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए। यह वितरण 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 50,000 से अधिक गांवों में किया गया। इसके साथ ही जनवरी तक स्वामित्व योजना के तहत कुल प्रॉपर्टी कार्ड की संख्या 2.25 करोड़ तक पहुंच गई।

इसके अलावा, पंचायत राज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया। साथ ही ‘सभा सार’ (SabhaSaar) नामक एक एआई आधारित टूल भी लॉन्च किया गया है, जो ग्राम सभाओं की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग से स्वतः बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) तैयार करता है।



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