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मुंगेली : स्वसहायता समूह से जुड़कर श्रीमती उषा बनी आत्मनिर्भर महिला उद्यमी : प्रतिमाह कमा रहीं 50 से 60 हजार रूपए

 मुंगेली : स्वसहायता समूह से जुड़कर श्रीमती उषा बनी आत्मनिर्भर महिला उद्यमी : प्रतिमाह कमा रहीं 50 से 60 हजार रूपए


 मुंगेली, 24 जनवरी 2026

पथरिया विकासखण्ड के ग्राम सांवतपुर की श्रीमती उषा जांगड़े स्वसहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर महिला उद्यमी बन गई है। कभी सीमित आय, घरेलू जिम्मेदारियों और आर्थिक असुरक्षा से जूझने वाली उषा जांगड़े आज आत्मविश्वास से भरी एक सफल महिला उद्यमी हैं, जो न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं। स्वसहायता समूह से जुड़ने से पहले श्रीमती उषा की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी कठिन था और सीमित आय के कारण भविष्य को लेकर निरंतर चिंता बनी रहती थी। ऐसे कठिन समय में स्वयं सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

समूह की नियमित बैठकों, बचत की आदत और आपसी सहयोग ने उनमें आर्थिक समझ विकसित की। समूह के माध्यम से मिली ऋण सुविधा ने उन्हें स्वरोजगार की दिशा में पहला कदम बढ़ाने का अवसर दिया। इसी आत्मविश्वास के साथ उन्होंने सिलाई, कढ़ाई एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का कार्य प्रारंभ किया। शुरुआत में उनकी मासिक आय लगभग 04 हजार रुपये थी, लेकिन निरंतर मेहनत, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और बाज़ार से बेहतर जुड़ाव के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। स्व सहायता समूह के सहयोग से उन्हें प्रशिक्षण, कच्चा माल और बाज़ार तक सीधी पहुँच मिली, जिससे उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ती चली गई। आज श्रीमती उषा 50 से 60 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर रही हैं।

इस आर्थिक सफलता का सीधा प्रभाव उनके परिवार के जीवन स्तर पर पड़ा। बच्चों की शिक्षा अब नियमित और बेहतर हो सकी है, परिवार की पोषण, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताएँ सहज रूप से पूरी हो रही हैं। वे अब परिवार के आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी उनका कद बढ़ा है। आज वे गाँव की अन्य महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने, बचत करने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

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