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महाराष्ट्र -भारत-ईयू एफटीए से महाराष्ट्र को वैश्विक रफ्तार, निर्यात और निवेश का बनेगा पावरहाउस : सीएम फडणवीस


भारत-ईयू एफटीए से महाराष्ट्र को वैश्विक रफ्तार, निर्यात और निवेश का बनेगा पावरहाउस : सीएम फडणवीस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह समझौता राज्य को निर्यात-उन्मुख विकास के एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और उद्योग, कृषि तथा निवेश के क्षेत्र में बड़े अवसर खोलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए से महाराष्ट्र के टेक्सटाइल व परिधान, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल व ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, बेस मेटल्स, रत्न एवं आभूषण जैसे प्रमुख सेक्टरों में तेज़ वृद्धि देखने को मिलेगी। इससे न केवल प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक बाजारों तक सीधी और आसान पहुंच भी सुनिश्चित होगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए सीएम फडणवीस ने इस एफटीए को भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत को 27 यूरोपीय देशों से जोड़ता है, जिनकी वैश्विक जीडीपी में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने इसे “सभी व्यापार समझौतों की जननी” करार दिया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस एफटीए के तहत 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय उत्पादों को यूरोपीय संघ के बाजार में तरजीही प्रवेश मिलेगा। इससे करीब 6.41 लाख करोड़ रुपये के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है, विशेषकर टेक्सटाइल, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में।

कृषि और प्रोसेस्ड फूड सेक्टर के लिए भी यह समझौता बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। नए बाजारों तक पहुंच मिलने से किसानों और कृषि वैल्यू-चेन को सीधा फायदा होगा। साथ ही, मोबिलिटी फ्रेमवर्क के जरिए कुशल और अर्ध-कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सीएम फडणवीस ने बताया कि यह एफटीए ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) शिखर सम्मेलन के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अतिरिक्त 7 से 10 लाख करोड़ रुपये के और निवेश को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित निवेशों में उद्योग, सेवाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, ईवी, हरित इस्पात, जहाज निर्माण, फिनटेक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इनमें से 83 प्रतिशत निवेश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है, जो अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, यूएई, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड सहित 18 देशों की कंपनियों से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत-ईयू एफटीए महाराष्ट्र को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर एक मजबूत निर्यात-हब के रूप में स्थापित करेगा और राज्य के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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