पारंपरिक कला, विरासत व लोक संस्कृति को सहेजने वालों का किया गया सम्मान
उत्तर बस्तर कांकेर, 27 जनवरी 2026/ गणतंत्र दिवस के 77वें उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित समारोह में विलुप्त होती संस्कृति के संरक्षण में कार्य एवं विभिन्न विधाओं के कलाकारों संरक्षकों एवं लोक कलाकारों को सम्मानित किया गया। जिले के समृद्ध आदिवासी एवं लोक संस्कृति को संरक्षित एवं प्रचारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कलाकारों को मुख्य अतिथि सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, जिला कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी श्री निखिल राखेचा द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले लोगों में श्री संतूराम सलाम एवं टीम, जिनकी प्रस्तुतियां जिले की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनीं। श्री अर्जुन सिंह यादव, आयुर्वेदिक दवाई एवं हड्डी जोड़, श्री धनाजूराम नरेटी गोण्डी लिपि शोधकर्ता एवं गोंडी लिपिकीय कार्य के अच्छे जानकार शामिल रहे। इसी तरह श्री बीरसिंह उसेंडी, संस्कृति, लोक संस्कृति द्वारा कला को जीवित रखने में विशेष योगदान देने, श्री रविशंकर प्रधान, प्रसिद्ध वैद्यराज सर्पदंश, शुगर बीमारी हेतु, श्री राजमन मण्डावी, विलुप्त हो रही मृत्यु संस्कार गीत, श्री रोहित नाग गायक, मोहरी, हारमोनियम, तबला, हास्य कलाकार, रामायण के व्याख्याकार, श्री राजीव धु्रवा लोकगीत एवं कला के जानकार, श्री तोषीकांत साहू, बांसुरी गायन एवं कला के जानकार, श्री चित्रसेन ठाकुर, मूर्तिकला के क्षेत्र में भारत के बड़े शहरो में सामूहिक कला द्वारा प्रदर्शनी, जिले के शासकीय भवनों में मूर्ति निर्माण, कु. दीपिका नुरेटी, गायन के क्षेत्र में राज्य स्तरीय में प्रदर्शन के लिए चयनित, श्री छायांश नेताम वुड बर्निंग आर्ट कला में विशेष पहचान एवं विशेष कार्य किया जा रहा है, श्री आशीष कुमेटी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य, श्री डेलियन्श पद्दा चित्रकला, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल, श्री प्रद्युमन कुमार ओटी शूकर पालन एवं समन्वित खेती अपनाकर अपनी आय में तीन गुना वृद्धि की है। इनकी सफलता से अन्य कृषक प्रेरित होकर समन्वित खेती अपना रहे है। इसके अलावा श्री पुरूषोत्तम मंडावी सेमियालता में लाख उत्पादन कर अन्य कृषकों को प्रोत्साहन के क्षेत्र में सम्मानित किया गया।

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