जिले में मनरेगा के तहत 22,916 श्रमिकों को प्रतिदिन मिल रहा रोजगार
धमतरी - जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। जिले में कुल 22,916 श्रमिकों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे न केवल ग्रामीण बेरोजगारी में कमी आई है बल्कि गांवों के समग्र विकास को भी गति मिली है। यह योजना गरीब, मजदूर और भूमिहीन परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बनकर उभरी है।
मनरेगा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक इच्छुक परिवार को वर्ष में कम से कम 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना है। जिले में इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा विभिन्न विकासात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है। इन कार्यों से जहां एक ओर मजदूरों को नियमित आय मिल रही है वहीं दूसरी ओर गांवों की आधारभूत संरचना भी मजबूत हो रही है।
जिले में प्रतिदिन लगभग 22,916 श्रमिक विभिन्न कार्यों में संलग्न हैं। इनमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। महिला श्रमिकों की संख्या में बढ़ोतरी से ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार हुआ है और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर मिला है। मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है। मनरेगा के तहत जिले में कई तरह के कार्य संचालित किए जा रहे हैं जिनका सीधा लाभ गांवों और ग्रामीणों को मिल रहा है। जैसे- जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य गांवों में तालाबों का निर्माण एवं गहरीकरण, पुराने तालाबों की सफाई, चेक डैम, खेत तालाब और नालों का विकास किया जा रहा है। इससे वर्षा जल का संरक्षण हो रहा है और भूजल स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है। ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों का निर्माण, मरम्मत और चौड़ीकरण किया जा रहा है। इससे गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में मदद मिली है और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा हुई है। छोटे और सीमांत किसानों की भूमि का समतलीकरण, मेड़बंदी और खेतों की तैयारी का कार्य कराया जा रहा है। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ी है और किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
जिले में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। सड़क किनारे, पंचायत भवन परिसर, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाए जा रहे हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरियाली को बढ़ावा मिल रहा है। ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, खेल मैदान, चारागाह विकास और अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इससे गांवों में सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है। इससे जलभराव की समस्या कम हुई है और गांवों में स्वच्छता बनी हुई है। जिला पंचायत द्वारा मनरेगा के कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी मिले। साथ ही कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सोशल ऑडिट के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। मनरेगा के माध्यम से मिलने वाली मजदूरी से ग्रामीण परिवारों की क्रय शक्ति बढ़ी है। स्थानीय बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई है सामाजिक ताने-बाने को मजबूती मिली है।
.jpeg)
Post a Comment