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धमतरी -जिले में अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराकर दी गई सलामी, भारतीय संविधान को याद करते हुए धूमधाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस


जिले में अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराकर दी गई सलामी, भारतीय संविधान को याद करते हुए धूमधाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस

जिले में 77वें गणतंत्र दिवस का पर्व इस वर्ष विशेष उत्साह, देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के स्मरण के साथ मनाया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत निर्मित विभिन्न अमृत सरोवर स्थलों पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन कर ग्रामीण एवं श्रमिकों द्वारा तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
सुबह होते ही जिले के प्रमुख अमृत सरोवरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। रंग-बिरंगी झालरों, तिरंगे गुब्बारों और देशभक्ति से ओतप्रोत बैनरों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय भावना से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा ध्वजारोहण से हुई। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया और देश की एकता, अखंडता व संप्रभुता के प्रति निष्ठा व्यक्त की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं  हमारे संविधान की शक्ति, लोकतंत्र की परंपरा और नागरिक अधिकारों की जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान किया है। अमृत सरोवर जैसे विकास कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास और जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दी गई। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम, संविधान के मूल आदर्शों और आधुनिक भारत की प्रगति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। विशेष रूप से संविधान की प्रस्तावना पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और सभी को अपने कर्तव्यों की याद दिलाई. इस अवसर पर संविधान की मूल भावना न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। अमृत सरोवरों पर कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य प्रकृति, जल और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत करना है।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके त्याग और बलिदान को नमन किया गया। इस सम्मान समारोह ने युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित किया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वच्छता कर्मियों और समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल बचाओ अभियान का भी संदेश दिया गया। अमृत सरोवरों के किनारे पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए  जिसमें  विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार होगा जब हम प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करेंगे और भावी पीढ़ियों के लिए उन्हें सुरक्षित रखेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने संविधान में निहित मूल्यों का पालन करने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का संकल्प लिया। यह दृश्य अत्यंत प्रेरणादायक था जिसमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी एक साथ खड़े होकर देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जता रहे थे।
पूरे जिले में गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे समापन अवसर पर मुख्य अतिथि ने सभी नागरिकों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत आज विश्व मंच पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराकर गणतंत्र दिवस मनाना न केवल राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है बल्कि यह संदेश भी देता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।
इस प्रकार जिले में अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराकर, संविधान को याद करते हुए और जनभागीदारी के साथ 77वां गणतंत्र दिवस गरिमा, उल्लास और राष्ट्रीय चेतना के साथ मनाया गया। यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणा बना और देश के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सशक्त कर गया।

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