वन रेस्ट हाउस में ‘कला’ या अश्लीलता? के बयान से घिरी सरकार, सियासत गरमाई
छत्तीसगढ़ - सूरजपुर जिले में वन विभाग के रेस्ट हाउस से वायरल हुए कथित अश्लील डांस वीडियो ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। नए साल के मौके पर आयोजित पार्टी का यह वीडियो सामने आने के बाद जहां प्रशासनिक जिम्मेदारी और सरकारी परिसरों की मर्यादा पर सवाल उठे, वहीं कृषि एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के बयान ने आग में घी डालने का काम किया।
सरकारी रेस्ट हाउस में पार्टी, वीडियो हुआ वायरल
सूरजपुर जिले के कुमेली स्थित वन रेस्ट हाउस में नए साल पर एक निजी पार्टी आयोजित की गई थी। इसी दौरान कुछ युवतियों के कथित अश्लील डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ तौर पर सरकारी परिसर के भीतर खुलेआम डांस होते दिख रहे हैं, जिसे लेकर आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
वीडियो सामने आते ही वन विभाग हरकत में आया और जांच शुरू करने के साथ कार्रवाई के संकेत दिए।
मंत्री का बयान बना विवाद की जड़
13 जनवरी को कोरिया जिले में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि “कला का क्षेत्र बहुत विस्तृत होता है, इसमें सिर्फ भजन या राम नाम का जाप ही नहीं आता। अगर वन रेस्ट हाउस में उनकी कला जागृत हो रही है तो इसमें गलत क्या है?”
मंत्री के इस बयान को विपक्ष ने सरकारी संरक्षण में अश्लीलता को बढ़ावा देने वाला करार दिया।
विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला
मंत्री के बयान का वीडियो कांग्रेस नेता एवं भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं और सरकार आंख मूंदे बैठी है।
विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब सरकारी रेस्ट हाउस ही इस तरह के आयोजनों का केंद्र बनेंगे तो प्रशासन और सरकार की नैतिक जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
संस्कृति, प्रशासन और सरकार की गंभीरता पर सवाल
इस पूरे विवाद ने छत्तीसगढ़ सरकार की कार्यप्रणाली और सांस्कृतिक मूल्यों पर बहस छेड़ दी है। विपक्ष का कहना है कि ‘कला’ की आड़ में सरकारी संस्थानों की गरिमा को तार-तार किया जा रहा है और सरकार इसे सही ठहराने में लगी है।
सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया: CCTV का आदेश
बढ़ते विवाद के बीच वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदेश के सभी वन रेस्ट हाउस में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश सामने आने के बाद कैमरे लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर निगरानी रखी जा सके।
फिलहाल सवाल यही है कि क्या यह मामला सिर्फ एक वीडियो तक सीमित रहेगा, या फिर इससे सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक सख्ती की असली परीक्षा होगी।

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