माँ सरस्वती आरती पूजन
माता सरस्वती पूजन विधि
पूजन का शुभ समय
बसंत पंचमी, नवरात्रि, पूर्णिमा या किसी भी बुधवार
प्रातः स्नान कर साफ़, शांत स्थान में पूजा करें
पूजन सामग्री
माता सरस्वती की मूर्ति या चित्र
सफ़ेद वस्त्र
अक्षत (चावल)
पुष्प (सफ़ेद/पीले)
धूप, दीप
चंदन, रोली
माला
फल, मिठाई
पुस्तकें, वाद्य यंत्र (विद्या हेतु)
पूजन विधि (क्रमवार)
पूजा स्थान को स्वच्छ कर माता सरस्वती का चित्र/मूर्ति स्थापित करें
• दीप प्रज्वलित कर ध्यान करें
• चंदन, अक्षत, पुष्प अर्पित करें
• माता को सफ़ेद वस्त्र अर्पण करें
• धूप–दीप दिखाएँ
• भोग (फल, मिठाई) अर्पित करें
• पुस्तकें एवं लेखन सामग्री माता के चरणों में रखें
• मंत्र जप करें
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः (108 बार)
• अंत में माता सरस्वती की आरती करें
माता सरस्वती जी की आरती
जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता॥
चंद्रवदनी पद्मासिनी,
द्युति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी॥
बाएं कर में वीणा,
दाएं कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे,
गल मोतियन माला॥
देवी शरण जो आए,
उनका उद्धार करे।
ज्ञान–भक्ति दे माता,
भव से पार करे॥
जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता।
पूजन का फल
विद्या, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति
एकाग्रता एवं स्मरण शक्ति में वृद्धिक
कला, संगीत और लेखन में सफलता
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NEWS MiTAN BANDHU


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