काले चावल (Black Rice) की खेती
1. परिचय
काला चावल, जिसे ब्लैक राइस, कवुनिया चावल, चाक-हाओ (मणिपुर) या Purple Rice भी कहा जाता है, एक विशेष प्रकार का चावल है। इसका रंग गहरा बैंगनी/काला होता है, जो इसमें पाए जाने वाले एंथोसाइनिन (Anthocyanin) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के कारण होता है।
यह चावल प्राचीन काल में “राजाओं का चावल” माना जाता था।
2. काले चावल की प्रमुख किस्में
| किस्म | क्षेत्र |
|---|---|
| चाक-हाओ अमूबी | मणिपुर |
| चाक-हाओ पूर | मणिपुर |
| कलाभात | ओडिशा |
| कवुनिया | पश्चिम बंगाल |
| ब्लैक राइस-1 | उत्तर भारत |
| CR Dhan Shyamala | कृषि अनुसंधान किस्म |
3. जलवायु और मिट्टी
जलवायु
- उष्ण एवं उपोष्ण जलवायु उपयुक्त
- तापमान: 20°C – 35°C
- वर्षा: 100–200 सेमी
मिट्टी
- दोमट, चिकनी दोमट एवं जलधारण क्षमता वाली मिट्टी
- pH मान: 5.5 – 7.5
- जलभराव सहनशील
4. खेत की तैयारी
- 2–3 बार जुताई कर खेत को भुरभुरा बनाएं
- पाटा लगाकर समतल करें
- 8–10 टन सड़ी गोबर खाद प्रति हेक्टेयर डालें
- नर्सरी या सीधी बुवाई दोनों विधियां अपनाई जा सकती हैं
5. बीज दर एवं बीज उपचार
- बीज दर: 20–25 किग्रा/हेक्टेयर
- बीज उपचार:
- कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम/किग्रा बीज
- या जैविक उपचार (ट्राइकोडर्मा)
6. बुवाई की विधि
(क) नर्सरी विधि
- 20–25 दिन की पौध रोपाई
- पौध से पौध दूरी: 20 × 15 सेमी
(ख) सीधी बुवाई
- कतार से कतार दूरी: 20–25 सेमी
7. खाद एवं उर्वरक प्रबंधन
| उर्वरक | मात्रा (किग्रा/हे.) |
|---|---|
| नाइट्रोजन (N) | 80–100 |
| फास्फोरस (P) | 40–50 |
| पोटाश (K) | 40–50 |
- नाइट्रोजन 3 भागों में दें
- जैविक खेती में वर्मी कम्पोस्ट व जीवामृत उपयोगी
8. सिंचाई प्रबंधन
- रोपाई के बाद हल्का पानी
- खेत में 5–7 सेमी जलस्तर बनाए रखें
- कटाई से 10–12 दिन पहले पानी बंद करें
9. खरपतवार नियंत्रण
- रोपाई के 20–25 दिन बाद निराई
- जरूरत अनुसार दूसरी निराई
- जैविक खेती में हाथ से निराई उपयुक्त
10. रोग एवं कीट प्रबंधन
प्रमुख रोग
- झुलसा रोग
- शीथ ब्लाइट
कीट
- तना छेदक
- पत्ती मोड़क
नियंत्रण उपाय:
- नीम तेल स्प्रे
- ट्राइकोग्रामा कार्ड
- संतुलित उर्वरक उपयोग
11. फसल अवधि
- 120–150 दिन (किस्म पर निर्भर)
12. कटाई एवं उपज
- दाने पकने पर कटाई करें
- उपज: 20–30 क्विंटल/हेक्टेयर
- जैविक खेती में 15–25 क्विंटल
13. काले चावल के पोषक तत्व
- एंथोसाइनिन (Antioxidant)
- आयरन
- फाइबर
- प्रोटीन
- विटामिन B एवं E
14. काले चावल से बनने वाले उत्पाद
- ब्लैक राइस आटा
- ब्लैक राइस खीर
- हेल्थ सीरियल
- कुकीज़, पास्ता
- आयुर्वेदिक एवं डायबिटिक फूड
- रेडी-टू-कुक पैक
15. स्वास्थ्य लाभ
- कैंसर विरोधी गुण
- मधुमेह नियंत्रण में सहायक
- हृदय रोग से बचाव
- वजन घटाने में सहायक
- आंखों और त्वचा के लिए लाभकारी
16. लागत एवं लाभ (अनुमानित)
| विवरण | राशि (₹/हे.) |
|---|---|
| कुल लागत | 40,000–50,000 |
| उत्पादन | 25 क्विंटल |
| बाजार मूल्य | ₹100–200/किग्रा |
| कुल आय | ₹2,50,000–5,00,000 |
| शुद्ध लाभ | ₹2,00,000 तक |
17. विपणन एवं मांग
- आयुर्वेदिक स्टोर
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
- हेल्थ फूड बाजार
- निर्यात (अमेरिका, यूरोप)
काले चावल की खेती कम क्षेत्र में अधिक लाभ देने वाली फसल है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी होने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है। जैविक खेती अपनाकर इसका मूल्य और भी बढ़ाया जा सकता है।

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