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स्टीविया (Stevia) की खेती

 

स्टीविया (Stevia) की खेती


स्टीविया क्या है?


स्टीविया (Stevia rebaudiana) एक बहुवर्षीय औषधीय पौधा है, जिसे हिन्दी में
“मीठी तुलसी” भी कहा जाता है। इसके पत्तियों में प्राकृतिक मीठास प्रदान करने वाले यौगिक (steviol glycosides) पाए जाते हैं जो चीनी की तुलना में 200-300 गुना अधिक मीठे होते हैं।

मुख्य उपयोग:
यह पौधा चीनी का स्वाभाविक, कैलोरी रहित स्वीटनर (natural sweetener) है, जिसे डायबिटीज, मोटापे और हृदय रोगियों के लिए चीनी के सुरक्षित विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

. स्टीविया की खेती — विस्तृत विवरण

✅ उपयुक्त मिट्टी

अच्छी जल निकासी वाली हल्की दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त।


pH 6-7 के बीच हो तो बेहतर परिणाम मिलता है।


 जलवायु

समशीतोष्ण और अर्धआद्र/अर्ध उष्ण जलवायु में बेहतर विकास होता है।

अत्यधिक ठंड या जलभराव स्टीविया को नुकसान पहुँचाते हैं।


 रोपाई का समय

मुख्यतः सितंबर-अक्टूबर और फरवरी-मार्च में रोपाई की जाती है।

साल में कई बार पत्तियां काटी जा सकती हैं।


 खेती की विधि

बीज से पौध तैयार करना: अंकुरण दर कम (≈40%) होती है, इसलिए अधिक बीज बोने पर ध्यान दें।


कल्लों/क्लोनिंग से पौध तैयार करना: बेहतर और तेजी से विकास।

2 फ़ीट * 1 फ़ीट की दूरी पर रोपाई करते हैं।


 सिंचाई

बारिश के बाद ड्रिप सिंचाई लाभदायक।

पानी रुका हुआ न रहे; जड़ गल सकती है।


 खरपतवार प्रबंधन

नियमित निराई-गुड़ाई से खरपतवार नियंत्रण में रखा जाता है।


 कटाई

पत्तियां सूखी और मीठी होने पर काटी जाती हैं, आमतौर पर साल में 3-4 बार

फूल आने से पहले पत्तियों का उत्पादन अधिक होता है।



उत्पादन क्षमता और मुनाफा

एक एकड़ भूमि पर ≈25-30 क्विंटल सूखी पत्तियां उत्पादन।

बाजार भाव लगभग ₹250-₹500/किलो (स्थानीय दरों पर आधारित)।

एक एकड़ में ₹8-10 लाख तक आमदनी संभव।


लाभ-हानि

एक बार रोपाई करने पर 3-5 साल तक उत्पादन मिलता है, जिससे टिकाऊ आय होती है।

 सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से भी खेती को प्रोत्साहन मिल रहा है।

. स्टीविया के पत्तों से बनने वाले उत्पाद

स्टीविया की सुखाई पत्तियों या एक्सट्रेक्ट्स से कई तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं:

( 1) स्वीटनर पाउडर / कण

चीनी के विकल्प के रूप में

शक्कर-फ्री मिठाइयाँ, ड्रिंक, चाय-कॉफी आदि में उपयोग


( 2) तरल एक्सट्रेक्ट

पेय पदार्थों में मिलाया जाता है

कई स्वास्थ्य पेय जैसे जूसों में भी उपयोग


( 3) फूड इन्ग्रेडिएंट

बेकरी उत्पाद, कैंडी, मिल्क-शेक आदि में प्राकृतिक मीठास के लिए


(4) आयुर्वेदिक दवाएँ

डायबिटीज और मोटापे नियंत्रण दवाओं में शामिल

कई संरक्षित औषधि उत्पादों में उपयोग


( 5) ब्यूटी और पर्सनल केयर उत्पाद

कुछ सौंदर्य/त्वचा-देखभाल उत्पादों में भी इसके प्राकृतिक गुण शामिल किए जाते हैं


( 6) निर्यात

उत्पादों को विदेशों में भी निर्यात किया जाता है (USA, यूरोप आदि)।


. सेहत के लिए लाभ

स्टीविया के पेय और एक्सट्रैक्ट में होने वाले मुख्य स्वास्थ्य लाभ:

✔️ डायबिटीज नियंत्रण

इससे ब्लड शुगर में अचानक वृद्धि नहीं होती — विशेषकर डायबिटीज़ रोगियों के लिए उपयोगी।


✔️ कैलोरी-फ्री स्वीटनर

यह कैलोरी नहीं देता, जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिल सकती है।


✔️ हृदय स्वास्थ्य

स्टीवियोल ग्लाइकोसाइड्स का सकारात्मक प्रभाव पाया गया है (उच्च रक्तचाप नियंत्रण आदि)।


✔️ दाँतों के लिए उपयुक्त

सामान्य चीनी की तरह दांतों में कैविटी का कारण नहीं बनता।


✔️ एंटीऑक्सीडेंट गुण

पत्तियों में कुछ एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं।


ध्यान देने योग्य: अत्यधिक सेवन या कच्चे पत्तों का बिना प्रोसेसिंग के उपयोग सावधानी से करें; कुछ देशों में पत्ते को पूरी तरह खाद्य सामग्री के रूप में मान्यता नहीं है।

. बाजार और अवसर

🔹 स्टीविया की मांग दुनियाभर में बढ़ रही है, खासकर शुगर-फ्री खाद्य और हेल्थ-ड्रिंक मार्केट में।
🔹 भारत में कई कृषि मिशन और औषधीय पौधे-प्रोत्साहन योजनाएँ इसे अपनाने पर जोर दे रही हैं।
🔹 निर्यात संभावनाएँ मजबूत हैं और कई भारतीय ब्रांड और किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।

स्टीविया खेती लाभदायक, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल व्यवसाय है।
यह पारंपरिक चीनी की बजाय एक स्वाभाविक और अपेक्षाकृत स्वच्छ स्वीटनर प्रदान करता है। खेती में निवेश अपेक्षाकृत कम और बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।

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